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पचास के बाद की पछवा हवा भाग -23

Byuser

Apr 17, 2021

अभी तक आपने पढ़ा की राम अपनी पत्नी से ऑफिस लेट आने का कारण जानने की कोशिश करता है लेकिन पूर्वी उसे टाल देती है उनकी बहस करने की तेज आबाज से श्याम की नींद उचट जाती है वह राम को आबाज देकर कहता है कि राम बेटा क्या हुआ राम- कुछ नहीं पिताजी और उस समय के लिए चुप होकर दोनों अपने बिस्तर पर चले जाते हैं |राम ने इरादा कर लिया है कि चाहे जो हो जाये वह सुबह सब जान कर रहेगा -अब इससे आगे

सुबह को श्याम जल्दी उठकर पूर्वी का हाथ पकड़कर वेड से खींचकर खड़ा कर देता है हालाँकि पूर्वी नींद में थी लेकिन राम का गुस्से से तमतमाया चेहरा देखकर उसने ज्यादा बहस न करने में ही अपनी भलाई समझी  और वह सीधा दरवाजे कि तरफ बढ़ने लगी किन्तु राम ने उसका हाथ पकड़कर  रोक दिया और कहता है पहले ऑफिस से लेट आने का कारण बताओ तब कंही जाना ।
राम को इस तरह पहले कभी क्रोध करते हुए उसने नहीं देखा था वह जैसे कहती राम हमेशा उसका अनुसरण करता रहता था ।
राम के रवैये को देखते हुए पूर्वी ने उससे उलझने की बजाय प्यार से मुर्ख बनाने में ही अपनी भलाई समझी और उसने राम को प्यार से देखते हुए कहा मैं तुम्हें बताना तो नहीं चाहती थी लेकिन अब तुम इतना जोर दे रहे हो तो सुनो मैं इस परिवार की तररकी के लिए ओवरटाइम कर रही हूँ ।मेरी फ़िक्र करने की बजाय तुम मुझ पर शक कर रहे हो ।
पूर्वी ने राम को कुछ इस तरह समझाया की जो राम अभी तक भूखे शेर की भांति तमतमाया हुआ था थोड़ी देर में ही भीगी बिल्ली बनकर पूर्वी की चापलूसी करता नजर आ रहा था ।वह जितना पूर्वी को मानाने की कोशिश करता पूर्वी उतना ही अधिक नाराज होने का ढोंग करती ।आखिर जब देखा अब इससे ज्यादा वह नाटक करेगी तो बात बनने कि बजाय और बिगड़ सकती है तो उसने कहा ठीक है तुम से ज्यादा देर नाराज नहीं रह सकती लेकिन आगे से ध्यान रखना में जो भी करुँगी उसमें हम दोनों कि भलाई ही छुपी होगी | इसलिए कोई इल्जाम लगाने से पहले अच्छी तरह विचार कर लेना |
राम को अब अपने संकीर्ण दिमाग पर गुस्सा आ रहा था वह मन ही मन बिचार करने लगा कि उसकी पत्नी हम सबके बारे में कितना सोचती है और मैंने पिताजी कि बातों में आकर उस पर शक किया |खुद को दिलासा देता हुआ राम बड़बड़ा रहा है अब चाहे कोई कुछ भी कहे वह पूर्वी पर  कभी शक नहीं करेगा |

पूर्वी अब बेरोकटोक घर लेट आ रही थी राम से एक दो बार श्याम ने इस बारे बात करने कि कोशिश कि लेकिन राम ने कहा पिताजी पूर्वी इस घर कि भलाई के लिए रत दिन काम कर रही है वह देर रत ओवरटाइम काम करके ज्यादा पैसा ला रही है लेकिन श्याम जनता था कि ऐसा कुछ भी नहीं है पूर्वी उतने ही पैसे पहले लेकर आती थी जितना अब लेकर आ रही है जरूर कुछ है जो पूर्वी सभी से छुपा रही है |राम को भी उसने अपने कहने में कर लिया है मुझे ही इस बाबत कुछ करना होगा ऐसा सोचकर श्याम कुछ सोचने लगता है |

 

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