• Fri. Sep 24th, 2021

GETREALKHABAR

E News/educational stories, poem and life style/only clean content

पचास के बाद की पछवा हवा भाग -28

Byuser

May 16, 2021

अभी तक आपने पढ़ा राम खाना खाने एक रेस्टोरेंट में जाता है जंहा उसकी मुलाकात उसके   एक पुराने दोस्त से होती है  जो उसे एक वार  में ले जाता है और राम को ड्रिंक करा देता है | अब इससे आगे –

राम और उसका दोस्त  वार से निकल कर उसी रेस्टोरेंट में खाना खाने आ जाते हैं राम ने पहली बार ड्रिंक की है उसे नशा होने लगा है जैसे तैसे वह खाना खा पाता है और पैदल ही लड़खड़ाते हुए अपने क्वार्टर की तरफ चल देता है   वो सोच रहा है पूर्वी आ गई होगी और इस हालत में पता  नही कैसे रिएक्ट करेगी लेकिन जब वह घर पंहुचा तो  देखा पूर्वी अभी तक नहीं आई है उसने अपने कपडे निकाले और बेड पर पसर गया कुछ तो नशा कुछ थकान पड़ते ही नींद आ गई |

पूर्वी देर रात पार्टी कर घर आई तो देखा राम बेड पर उल्टा सीधा पड़ा है उसने पास जाकर देखा तो उससे शराब की स्मेल आ रही थी उसे थोड़ा आश्चर्य तो हुआ फिर मन ही मन खुश भी हुई क़ि राम को जबाब देने से बच गई वैसे तो एक बहाना वह पहले ही सोच कर आई थी लेकिन अब उसकी जरुरत ही नहीं थी |

राम की सुबह आँख खुली तो उसका सर भारी था और उसे रात की सारी बातें चलचित्र की तरह याद आने लगी फिर एकाएक उसे पूर्वी का ख्याल आया उसने देखा पूर्वी अभी तक अपने बेड  पर सोइ पड़ी है वह उसे जगाकर रात के बारे में जानना चाहता था लेकिन उसकी हिम्मत नहीं हुई उसके फैक्ट्री जाने का भी समय हो रहा था लेकिन पूर्वी अभी तक सोइ पड़ी है उसका लंच कौन तैयार करेगा फिर वह सोचता  है आज छुट्टी कर लेता हूँ और फिर से अपने बेड पर पड  जाता है |

राम का अब रोजाना का यही क्रम बन गया है कहते हैं गलत रास्ते पर एक बार कदम पड़ने की देर होती है दोबारा तो इंसान उसके आकर्षण में खुद ही चलता चला जाता है बार बार फैक्ट्री से छुट्टी करने की वजह से फैक्ट्री मालिक की तरफ से उसे वार्निंग भी दी जा चुकी है श्याम अपने भाई की हालत देखकर बहुत दुखी होता है लेकिन वह कुछ कहता नहीं है |

समय अपनी गति से चल रहा है इस बीच राम को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ता है वह अब दिन में भी शराब पिने लगा है पूर्वी उसे रोकने की बजाय और बढ़ाबा देती रहती है ताकि उसके कार्यों में वह हस्तक्षेप ना करे | इधर पूर्वी के बढ़ते खर्चे उसके बॉस के लिए भी सिरदर्द बनते जा रहे हैं और वह भी अब पूर्वी से कन्नी काटने लगा है पूर्वी ने कम्पनी से पहले ही काफी एडवांस ले रखा है पैसों की किल्लत राम और पूर्वी के संबंधों पर असर दाल रही है राम अपने खर्चे के लिए पूर्वी पर ही निर्भर है वह जब पैसा मांगता है तो पूर्वी उसे ताने मारने लग जाती है |

पूर्वी ने मार्किट से भी काफी उधार लिया हुआ है मार्किट में एक बार रेपुटेशन ख़राब होने के बाद कोई उधार नहीं देता,इस दौरान पूर्वी के बॉस का ट्रांसफर दूसरी जगह हो गया है जो पूर्वी के लिए सबसे बड़ी चिंता का कारण  है पूर्वी अपने बॉस से कहती है कि वह भी उसके साथ ही चलेगी बॉस उसे समझाते हैं कि ऐसा नहीं हो सकता और उसकी कुछ आर्थिक मदद करते हुए  एक लिफाफा पकड़ाते हैं  बॉस से मिले पैसे लेकर पूर्वी जब क्वार्टर में पहुँचती है तो राम उसके हाथ से उस लिफाफे को झटक लेता है | इससे आगे की कहानी अगले भाग में –

Leave a Reply