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पचास के बाद की पछवा हवा भाग -27

Byuser

May 5, 2021

अभी तक आपने पढ़ा पुर्वी राम को अपने परिवार से अलग करने में कामयाब हो जाती है |पुर्वी ने अपनी  कंपनी में ही एक फ्लेट ले लिया है और वह राम के साथ उसी फ्लेट में शिफ्ट हो जाती है अब इससे आगे –

श्याम और रमा आज बहुत दुखी हैं परंतु माधवी कहती है कि पिताजी जल्दी  ही दीदी को अपनी गलती का अहसास हो जाएगा और फिर वे यहाँ बापिस आ जाएंगे |श्याम अंदर ही अंदर सोचता है काश ऐसा ही हो |

इधर पुर्वी को यंहा आ जाने के बाद जैसे पंख ही लग गए हों बह राम के फेक्टरी जाने के बाद अपने बॉस को लेकर मार्केट चली जाती है और वहाँ जमकर खरीददारी करती है  जिसकी  पेमेंट वह अपने बॉस से करा देती है | शाम को राम घर बापिस आता है तो पुर्वी बाहर जाने की तैयारी कर रही होती है दरअसल ये उसका रोजाना का काम है बह देर रात पार्टी में जाती रहती है |

राम पुर्वी से पूछने ही वाला था कि बह कहाँ के लिए तैयार हो रही है उससे पहले ही पुर्वी राम को बोली डार्लिंग में एक मीटिंग के लिए बाहर जा रही हूँ  बापिस  लौटते में देर हो जाएगी और हाँ हमारा रात का खाना भी वहीं है इसलिए तुम इधर मैनेज कर लेना |राम ने कहा पुर्वी में बहुत थक गया हूँ आज तुम अपनी मीटिंग केंसील कर दो तो अच्छा रहेगा तब पुर्वी कहती है कि अब हम अलग हो गए हैं हमें ग्रहस्थी चलाने के लिए ज्यादा पैसों की जरूरत होगी और वो एक्स्ट्रा काम करने से ही मिलेंगे |पुर्वी के इस जबाब से राम चुप हो जाता है और जैसे पुर्वी को मौन पर्मिशन मिल जाती है |

पुर्वी के जानेके बाद राम  अपने खाने का इंतजाम करने में जुट जाता है वो सोचता है आज पुर्वी मार्केटिंग करके आई है तो जरूर खाने का सारा सामान भी लाई होगी उसने सारा सामान खोलकर देख लिया लेकिन उसे कहीं  भी रसोई का कोई सामान नजर नहीं आया निराश होकर  बह बाहर खाने की तलाश में निकल जाता है |

थोड़ी दूर पर ही उसे एक रेस्टोरेंट नजर आ जाता है और बह उसी के अंदर खाना खाने का मन बना कर अंदर आ जाता है और वेटर को खाने का ऑर्डर देता है उसी समय उसकी निगाह अपने सामने की मेज पर बैठे एक व्यक्ति पर जाती है उसे पहचानने में बह तनिक भी देर नहीं लगाता बो उसके  कॉलेज का दोस्त रवि है राम वहाँ से उठकर रवि की टेबल पर जाता है और कंधे पर हाथ रखता है यूं किसी के द्वारा कंधे पर हाथ रखे जाने पर रवि ऊपर की तरफ देखता है तो राम को पहचानते हुए उसके गले लग जाता है |

राम रवि को कहता है चलो यार एक साथ बैठकर खाना खाएंगे मैंने अभी खाने का ऑर्डर दिया है तुम्हारा भी लिखा देता हूँ |रवि बोला  यार खाना तो खाएंगे लेकिन अभी नहीं इतने दिन बाद मिले हैं पहले थोड़ा इन्जॉय करते हैं रवि ने वेटर को बुलाकर कहा इन सहाब ने जो खाने का ऑर्डर दिया है वो कुछ समय बाद हमारे कहने पर लेकर आना अभी हम किसी जरूरी काम से जा रहे हैं थोड़ी देर में आते हैं ऐसा कहकर रवि राम का हाथ पकड़कर बाहर आ जाता है और एक वार के अंदर  ले जाता है |

राम इससे पहले कभी ऐसी जगह नहीं आया था उसने दबी जबान में राम को कहा भी यार रवि तू मुझे ये कहाँ  ले आया और रवि मुस्कराता हुआ उसे लेकर एक टेबल की तरफ बढ़ गया  उसने वेटर को कुछ समझाया और राम से कॉलेज के बाद उसने क्या किया पूछने लगता है |

राम और रवि बात कर ही रहे थे तभी वेटर दो ग्लास स्कॉच के साथ कुछ सनेक्स टेबल पर रखकर चल जाता है| राम ,रवि को कहता है यार रवि तूने  ये क्या मंगा  लिया में ये सब नहीं पीता लेकिन रवि उसे अपनी यारी का वास्ता देकर पिला देता है  एक पैग पी लेने के बाद राम को कुछ सुरूर सा  होने लगता है और वह और भी पैग ले लेता है – इससे आगे अगले भाग में –

 

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