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पचास के बाद की पछवा हवा भाग -26

Byuser

May 3, 2021

अभी तक आपने पढ़ा कि पुर्वी अपने पति को इस बाबत  राजी कर लेती है  कि बह (राम ) पिताजी (श्याम )से अलग हो जाने के वारे में बात करे अब आगे-

फेक्टरी जाने से पहले तैयार होकर दोनो   भाई श्याम और रमा का आशीर्वाद लेने उसके कमरे में एक साथ जाया  करते थे लेकिन आज राम अकेला  ही श्याम और रमा के कमरे में जाता है और बिना  कोई भूमिका बांधे श्याम से कहता है कि   पिताजी आपने पुर्वी की जासूसी करके मर्यादा तोड़ी है  |इससे पुर्वी बहुत आहत  है और बह चाहती है जिस घर के  लोग आपस में बिस्वास ना करें तो उन्हें एक साथ नहीं रहना चाहिए |रमा  को इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं थी उसने प्रश्न बाचक निगाहों से श्याम की तरफ देखा |श्याम ने सारी बातें बिस्तार में   राम और रमा के सामने रखते हुए राम से प्रश्न किया कि अब भी तुम्हें लगता है कि मैंने कुछ गलत किया है   |

कहते हैं जब किसी के दिमाग में कोई बात बिठा दी जाती है तो उसे दूसरे पक्ष की सही बातें भी गलत  ही नजर आती हैं वही राम के साथ हो रहा था  उसे सिर्फ पुर्वी की बातों में सच्चाई नजर आ रही थी इसलिए उसने अपनी वाणी में कठोरता लाते  हुए कहा  पिताजी पुर्वी इस घर की  उन्नति के लिए देर रात तक  काम करती है  और आप ना सिर्फ  उस पर शक कर रहे हैं बल्कि मुझे भी उसके खिलाफ भड़का रहे हैं |

राम के कठोर और ऊंची आबाज में किये जा रहे वार्तालाप हरी और माधवी के कानों में भी पड़ते हैं और वे श्याम के कमरे में आ जाते हैं पुर्वी भी इस वार्तालाप को सुनकर मन ही मन खुश हो रही है लेकिन वह अपने कमरे में ही रहती है  |इधर जब हरी और माधवी कमरे में आते हैं तो हरी अपने भाई राम से कहता है कि भाई पिताजी से इस तरह ऊंची आबाज में बात करना तुम्हैं शोभा नहीं देता तब राम कहता है कि भाई तुम्हें पता नहीं है पिताजी ने क्या किया है और पुर्वी ने जो राम को बताया बही वह हरी को बताता है तब श्याम कहता है बच्चों यह सच नहीं  है और सारी बात दोबारा हरी और माधवी के सामने रखता है जो बात राम की समझ में नहीं आ रही थी वही बात हरी और माधवी की समझ में तुरंत आ जाती है और हरी राम को समझाते हुए कहता है कि भाई इसमें तो पिताजी की  कोई गलती नहीं है बल्कि ये उनकी जिम्मेदारी है इस पर राम तैश खाते हुए कहता है की अकेली पुर्वी इतना कमा कर लाती है देर रात  ओवर टाइम करती है वह तुम्हें किसी को दिखाई नहीं देता अगर वह काम करना बंद कर दे तो तुम सब को पता  चल जाएगा फिर खुद ही बड़बड़ाते हुए कहता है कि काम छोड़कर ही क्यों कुछ दिनों में अभी पता चल जाएगा हम तो अब अलग ही रहेंगे  |

श्याम समझ गया कि राम को अब कोई नहीं समझा सकता इसलिए  उसने कहा राम बेटे एक बार फिर सोच लो क्या ये तुम्हारा फाइनल इरादा है और राम ने उसी टोन में कहा हाँ हमने पक्का कर लिया है की अब हम साथ नहीं रह सकते तुम्हें इस बात का जल्द ही अहसास हो जाएगा कि पुर्वी की कमाई से ही यह घर चल रहा था  आटे  दाल का भाव तो अब पता चलेगा |हरी इस  बात पर राम को कुछ कहने ही वाला था की श्याम ने इशारे से उसे चुप करा दिया |

दूसरे दिन पुर्वी अपनी कंपनी में ही एक फ्लेट ले लेती है और  राम के  साथ वहाँ शिफ्ट हो जाती है पुर्वी ने जाते हुए  माधवी को भी बर्गलाने की कोशिश की लेकिन माधवी के एक जबाब ने उसे चुप  रहने को विवश कर दिया माधवी ने कहा जब शादी के वक्त हमारी बिदाई हो रही थी तब पिताजी ने हम दोनों से कहा था बेटी उस घर में तुम्हारे सास ससुर ही अब तुम्हारे माता और पिता हैं तो बताओ दीदी मैं अपने माता पिता को छोड़कर कहाँ जाऊं |इससे आगे की कहानी अगले भाग में –

 

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