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पचास के बाद की पछवा हवा भाग -25

Byuser

Apr 21, 2021

अभी तक आपने पढ़ा श्याम  पुर्वी की कंपनी के आस पास सारा दिन निकाल देता है उसके सामने ही पुर्वी अपने  बॉस के साथ गाड़ी में बैठकर निकल जाती है वह चाहकर भी उसका पीछा नहीं कर पाता  है और घर बापिस लौटने लगता है -अब इससे आगे –

श्याम घर लौटते हुए सोचता है कि वह राम से कहेगा की एक दिन वह पुर्वी पर नजर रखे  |श्याम इस बात से अनजान है कि पुर्वी ने कंपनी से बाहर आते हुए श्याम को देख लिया  है  उसे इस बात की हैरत भी हुई थी कि उसके ससुर यंहा क्या कर रहे हैं लेकिन शीघ्र ही समझ गई की उस पर नजर रखी जा रही है  |

कहते हैं चोरी करने बाले  की नजर और दिमाग बहुत पैना  हो जाता है  बैसा ही अब पुर्वी का दिमाग काम कर रहा था उसने सोचा श्याम के राम को कुछ बताने से पहले ही वह राम को बता दे कि वह ऑफिस के किसी काम से बॉस के साथ  जा रही है और घर देर से आएगी |रास्ते  में ही राम की फेक्टरी थी उसने बोस को गाड़ी रोकने के लिए बोला और राम की फेक्टरी  के अंदर चली गई |

चोंकीदार ने राम को गेट पर ही बुला लिया क्योंकि अंदर किसी को भी जाने की अनुमति  नहीं थी पुर्वी नेअपने प्लान के अनुसार राम को सब बता दिया की वह  कंपनी के काम से बॉस के साथ जा रही है और लोटने  में देर हो सकती है |राम  ने कहा इसकी क्या जरूरत थी मुझे तुम पर पूरा यकीन है और अब तो और ज्यादा होने लगा है  |

शाम  की छुट्टी के बाद राम और हरी घर लौटे और अपनी आदत  के अनुसार सीधे  अपने पिताजी के पास आकर  उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेकर कुछ देर बैठ जाते हैं |श्याम के मन में बडा संकोच है कि वह पुर्वी  के वारे में राम को किस तरह बताए लेकिन उसे बताना तो था ही इसके लिए उसने हरी  को वहाँ से अलग भेज दिया और राम को आज की घटना के  बारे में बताया राम ने कहा पिताजी मुझे इस बारे में सब पता है  |पुर्वी जाने से पहले सब  बताकर गई है लेकिन मुझे हैरानी तो इस बात की है कि आपको  ये सब कैसे पता चला |श्याम नहीं बताना चाहता था कि वह राम को यह जाहिर करे कि उसने आज पुर्वी पर नजर रखी है |श्याम राम की बात का जबाब दिए बगैर ही उसे फ्रेश होने के बहाने भेज देता है |

और दिन की अपेक्षा पुर्वी आज घर जल्दी वापिस लौटी है अपने कमरे में राम को कुछ बिचारमग्न देखती है तो सोचती है कहीं राम को उस पर शक तो नहीं हो गया लेकिन राम तो बस एक ही बात सोच रहा था की पिताजी कैसे जानते थे की पुर्वी आज बाहर जा रही है |क्या पुर्वी पिताजी को भी बताकर गई थी ?उसने सोचा जब पुर्वी आ जाएगी तब उसी से पुछ लूँगा |

पुर्वी ने राम को टोकते हुए कहा क्या सोच रहे हो जो मेरे आने की आहट भी तुम्हारे ध्यान को ना तोड़ सकी राम पुर्वी को देखकर बोला  अच्छा एक बात बताओ कि तुम पिताजी को भी बताकर गई थी की बॉस के साथ बाहर जा रही हूँ |नहीं तो ,तपाक से पुर्वी ने कहा लेकिन तुम ऐसा क्यों पुछ  रहे हो तब राम ने उसके और पिताजी के बीच हुई बातचीत पुर्वी को बता दी |

पुर्वी सारी बात सुनकर अनजान बनने का ढोंग करती हुई थोड़ी देर मौन रहती है फिर अचानक से राम को कहती है इसका मतलब तो ये है कि पिताजी मुझ पर नजर रखते हैं जब उन्हें मुझ पर बिस्वास ही नहीं है तो अब में उनके  साथ नहीं रह सकती ,अब हमें अलग रहना होगा में और आप इस घर के लिए क्या नहीं कर रहे जो हमारे साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है राम को पुर्वी इस बाबत तैयार कर लेती है की वह अलग होने के लिए अपने पिताजी से बात करे |इससे आगे की कहानी आगे के भाग में –

 

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