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पचास के बाद की पछवा हवा भाग -21

Byuser

Apr 14, 2021

अभी तक आपने पढ़ा की  श्याम के घर खुशियां लौटकर आने लगी हैं| सभी की तनख्वा श्याम के पास ही जमा है| कहने को तो उसे  महाजन ,का कर्जा लोटाना  है लेकिन इस बात को सिर्फ श्याम ही जानता है की वह कर्जा पहले ही चुकता कर चुका था |अब तो वह बुरे वक्त के लिए इन पैसों को रखना चाहता है |अब आगे की कहानी –

बाकी तो सब अच्छे से चल रहा था लेकिन पिछले कुछ दिन से एक बात श्याम  को खटक रही थी कि उसकी बड़ी बहू पुर्वी लगातार ऑफिस से देर रात से आ रही थी |जब कई दिन तक ये सिलसिला जारी रहा तो श्याम ने इस बिषय में राम से बात करने का निश्चय किया वह राम के आने का इंतजार करने लगा |अपने निर्धारित समय पर दोनों भाई ऑफिस से वापिस घर आए तो आदत के अनुसार पिताजी के कमरे में ही पहुंचे दोनों ने पैर छूकर अपने माता पिता से आशीर्वाद लिया |दोनों का ये रोजाना का क्रम था की आते जाते जरूर अपने माताजी और पिताजी से आशीर्वाद लें |

कुछ ऑपचारिक बातों के बाद श्याम सीधा मुख्य बात पर आ गया उसने कहा राम बेटा पुर्वी कुछ दिनों से लगातार ऑफिस से लेट आ रही है क्या तुम्हें इस बारे में कुछ जानकारी है |राम ने कहा पिताजी मैंने इस बारे में पुर्वी से कोई बात नहीं की ना ही उसने मुझे इस बारे में कुछ बताया  है |आज आने के बाद इस बारे बात करूंगा |ठीक है कहकर श्याम उन्हें जाओ फ्रेश हो लो कहकर इजाजत देता है लेकिन उसके चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई पड़ रही हैं |

आज राम  अभी तक सोया नहीं है ,नहीं तो वह पुर्वी के ऑफिस से आने से पहले ही सो जाया करता था क्योंकि वह भी  ऑफिस में लगातार काम करके थक जाता है |उसने घड़ी में देखा रात के 11 बज चुके हैं लेकिन अभी तक पुर्वी नहीं आई है अभी कुछ ही समय बीता  होगा कि उनके दरबाजे पर एक गाड़ी के रुकने की आबाज आई |राम खड़ा होकर दरबाजे की तरफ जाकर देखता है तो उस गाड़ी से पुर्वी ही उतर रही थी  उसने हाथ  हिलाकर गाड़ी चलाने वाले को बाय किया और गाड़ी वहाँ से फराटे भर्ती हुई आगे बढ़ गई |

पुर्वी दरबाजे के पास पहुंचकर कुंडी खटखटाने ही वाली थी उससे पूर्व ही राम ने दरबजा खोल दिया यूं अचानक दरवाजा खुलने से पुर्वी एकदम हड़बड़ा गई उसके मुहँ से निकला आप ,राम ने कहा हाँ मैं जिसकी बीबी  इतनी रात तक काम करती हो तो उसका ख्याल  तो रखना ही पड़ता है  |राम की तरफ से तो ये एक  व्यंग था लेकिन पुर्वी ने सोचा राम ने शायद मेरी फिक्र करते हुए ये कहा है  |

पुर्वी  सीधे वाशरूम चेंज करने गई और उसके बाद सीधे बेड पर  राम ने कहा खाना नहीं खाओगी आज मैंने भी तुम्हारे इंतजार में खाना नहीं खाया है |माधवी हम दोनों का खाना यहीं रख गई है इस पर पुर्वी ने कहा मैं तो ऑफिस में पहले ही खाना खा चुकी हूँ और बहुत थक भी गई हूँ प्लीज आप खा लो मैं सोने जा रही हूँ |राम कहता है मुझे तुमसे कुछ जरूरी बात करनी थी पुर्वी बोली अभी नहीं अभी मैं बहुत थक गई हूँ कल बात करेंगे और करवट लेकर सो जाती है |राम को  अब पुर्वी की चिंता होने लगी  है,कही वह किसी गलत रास्ते पर तो नहीं जा रही है |उसकी भूख भी मर चुकी है और वह भी बिना कुछ खाए बेड पर आ जाता है| (इससे आगे की कहानी अगले भाग में )

 

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