• Fri. Sep 24th, 2021

GETREALKHABAR

E News/educational stories, poem and life style/only clean content

पचास के बाद की पछवा हवा भाग -24

Byuser

Apr 19, 2021

अभी तक आपने पढ़ा की पूर्वी राम को अपनी बातों में लेकर विश्वास करा देती है कि वह रात में ओवरटाइम करके घर की आमदनी बढ़ा रही है लेकिन श्याम को उसकी बातों पर भरोसा नहीं है वह सोचता है जरूर कुछ है जो पूर्वी सभी से छुपा रही है |राम को भी उसने अपने कहने में कर लिया है मुझे ही इस बाबत कुछ करना होगा | अब इससे आगे –

पूर्वी ,मानवी ,राम और हरी के ऑफिस जाने के बाद श्याम तैयार होकर घर से निकल जाता है वह रमा को कहता है कि वह बाहर गांव जा रहा है लौटते देर हो जाएगी | वह सीधा पूर्वी कि कम्पनी के गेट के पास खड़ा हो जाता है चौकीदार उससे पूछता है कि अंकल जी कैसे खड़े हो तो श्याम कहता है कि भाई इस कम्पनी में मुझे कुछ काम मिल जायेगा क्या ?
चौकीदार श्याम को ऊपर से निचे कि तरफ देखता है और कहता है कि अंकलजी यंहा ओल्डएज कि भर्ती नहीं होती इसीलिए आप कहीं दूसरी फेक्ट्री में नौकरी तलाश करो |श्याम ने फिर बात बनाते हुए कहा कि यदि मेरी यंहा किसी से जान पहचान हो तो भी नहीं तब दूसरा चौकीदार बोला नहीं भैया यदि तुम्हारी जानकारी पूर्वी मेडम से भी होती तो भी नहीं किन्योकि पूर्वी मेडम भी यंहा ओल्ड एज बाले लोंगो को भर्ती करना नहीं चाहती तभी दूसरा टपक से बोला भाई पूर्वी मेडम यदि सर को कह दें कि इस लकड़ी को नौकरी देनी है तो सर कभी इंकार नहीं करेंगे दोनों का कॉलेज के समय का याराना जो ठहरा |

अब श्याम उन दोनों कि और ज्यादा बात सुनना नहीं चाहता था इसलिए वह वहां से चल दिया और एक ऐसी दुकान में बैठ गया जहाँ से वह उस कम्पनी के गेट पर नजर रख सकता था जहाँ पूर्वी और मानवी नौकरी कर रही हैं |दुकानदार ने एक आद बार उससे पूछा अंकलजी कैसे बैठे हो तब श्याम बोला कि भाई मेरा एक रिस्तेदार इस कम्पनी में काम करता है मैं उसे नाम से नहीं जानता हाँ उसके फेस से उसकी पहचान कर सकता हूँ इसलिए कम्पनी कि छुट्टी का इंतजार कर रहा हूँ जैसे ही छुट्टी होगी मैं चला जाऊंगा तब दुकानदार ने कहा कोई बात नहीं अंकलजी बैठे रहो |

इसी तरह श्याम को बैठे काफी समय निकल गया तभी थोड़ी देर में उसने देखा कि गेट पर खड़े चौकीदार खड़े हो गए हैं और थोड़ा चौककने भी नजर आ रहे हैं अभी वह उनकी तरफ देख ही रहा था कि एक बड़ी सी गाड़ी में एक युवक जो स्वयं ही गाड़ी चला रहा था और बगल में उसकी बहु पूर्वी के साथ गेट से बाहर निकलते हैं गाड़ी उस दुकान के पास सी होकर ही जाएगी इसलिए श्याम थोड़ा अपना मुहं रोड से एक और कर लेता है |

वे दोनों उसी रोड से आगे बढ़ जाते हैं श्याम के पास कोई साधन नहीं था कि वह उनके पीछे जा सके इसलिए उसने वहीँ बैठकर इंतजार करने का विचार किया वह सोचने लगा कि कम्पनी कि छुट्टी होने से पहले एक वॉर तो दोनों बापिस आएंगे ही ,ये उसका सिर्फ अनुमान था |
शाम ५ बजे कम्पनी कि छुट्टी होती है और 5 बजने ही बाले हैं लेकिन अभी तक दोनों आपिस नहीं आये |छुट्टी के बाद भी जब श्याम वंहा बैठा रहता है तो दुकानदार कहता है अंकलजी छुट्टी हो चुकी है अभी आप गेट पर जाकर अपने परिचित कि तलाश कर लो श्याम वहां से उठकर चल देता है और धीरे धीरे अपने कदम घर कि ओर कर देता है | इससे आगे अगले भाग में –

Leave a Reply