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दोस्त ऐसे नहीं ,दोस्त तो ऐसे होते हैं |

Byuser

Jun 21, 2021

बहुत समय पहले की बात है कि एक राजा के लड़के की उसी राज्य के मंत्री के लड़के के साथ गहरी दोस्ती थी |उन दोनों में इतनी गहरी दोस्ती कि खाना भी साथ,सोना भी साथ कहीं बाहर जाना हो तो भी साथ राजा को ये दोस्ती बहुत खटकती थी उसने अपने लड़के को बहुत समझाया लेकिन उनकी दोस्ती पर कुछ भी असर नहीं हो रहा था |राजा के यह इकलोता बेटा था ज्यादा जोर देना भी ठीक नहीं था तब राजा ने सबसे होशियार दूती को अपने पास बुलाया और उसे यह टास्क दिया कि वह उनकी दोस्ती तुड़वा दे तो बहुत बडा इनाम दिया जाएगा |
दूति को अब इंतजार इस बात का था कि कब ये दोनों दोस्त बाहर जाएँ और वह उनकी दोस्ती में दरार डाल सके | कुछ ही दिनों में दोनों दोस्त जंगल में शिकार खेलने जाते हैं और दूती के लिए यह सबसे उत्तम मौका था वह तैयार होकर उनसे पहले जंगल की ओर निकल जाती है |
जब दोनों दोस्त जंगल में जाते हैं और अपने सामने एक लड़की को देखते हैं तो राजा का लड़का कहता है कि दोस्त देखो ये लड़की इस सुनसान जंगल में किया कर रही है |तुम जाओ और मालूम करके आओ |
मंत्री का लड़का लड़की की तरफ चल देता है लड़की की तरफ देखकर पूछता है कि तुम कोन  हो और इस सुनसान जंगल मे क्या कर रही हो |लड़की उसकी बात का जबाब नहीं देती थोड़ी देर बीतने के बाद लड़का फिर अपना सवाल दोहराता है लेकिन दूती बनी लड़की फिर भी उसका कोई जबाब नहीं देती कुछ देर फिर चुप रहने के बाद मंत्री का लड़का कहता है कि देखो मेरे साथ मेरा दोस्त है जो इसी राज्य के राजा का लड़का है उसने मुझे तुम्हारी जानकारी पता करने यंहा भेजा है यदि तुमने अब भी चुप रहने की जिद की तो वह राजा को कहकर तुम्हें सख्त सजा दिलवा देगा |इस वार दूती बोली में तुम्हें सब बता दूँगी बस तुम्हें कुछ समय के लिए मेरे सामने बैठना होगा |
मंत्री का लड़का ठीक है ऐसा कहकर उसके सामने शांत होकर बैठ गया जब राजा के लड़के को इंतजार करते काफी देर हो गई तो उसने मंत्री के लड़के को आबाज लगाकर अपने पास बुलाया हालांकि उसे काफी देर हो चुकी थी फिर भी वह उस लड़की से उसके बारे में कुछ भी पता नहीं कर पाया था लेकिन दोस्त ने बुलाया था यदि नहीं जाता तो दोस्त के नाराज होने की संभावना थी इसलिए वह लड़की के पास से उठकर चल दिया |
अपने दोस्त को पास आने के बाद राजा के लड़के ने कहा उस लड़की ने क्या बताया और इतनी देर तक तुम उससे क्या बात कर रहे थे |
मंत्री के लड़के ने कहा अभी तक मेरी उससे कोई  बात ही नहीं हुई मैंने बहुत कोशिस की लेकिन वह कुछ बोली ही नहीं और उसने मुझे अपने सामने बैठ जाने को कहा अभी वह कुछ बताती उससे पहले ही तुमने मुझे आबाज लगा दी |राजा के लड़के ने सोचा यदि वह कुछ बोल नहीं रही थी उसने इसे अपने सामने क्यों बैठाए रखा ,लेकिन वह कुछ नहीं बोला पर उसके मन में ये बिचार जरूर आए कि शायद लड़की की वजह से ये झूट बोल रहा है |
दूती अपने मकसद में कामयाब हो चुकी थी उसने उन दोनों के बीच शक की एक रेखा खींच दी थी और अगली बार उनके बाहर जाने का इंतजार करने लगी कुछ ही समय बाद दोनों फिर सैर पर निकले इस बार दूती ने अपने दोस्त दाने की मदद ली दाना एक मायाबी राक्षस था दूती उन दोनों की राह में दाने का सिर अपनी टांगों पर रखकर बैठ गई | राजा के लड़के ने जब देखा कि एक सुंदर लड़की किसी का सिर अपनी गोद में  लिए बैठी है तो उसने मंत्री के लड़के को वहाँ लड़की का पता करने के लिए भेजने का सोचा लेकिन पुरानी घटना याद आने पर वह स्वयं ही लड़की के पास गया और लड़की से पूछने लगा की तुम कोन हो और किसका सिर अपनी गोद में लिए बैठी हो |लड़की बनी दूती ने कहा ये मेरे पिताजी हैं | राजा का लड़का बोला सुंदरी कुछ समय हम आपके साथ बिताना चाहते हैं इसलिए तुम यहाँ आ जाओ दूती ने उत्तर दिया यदि तुम्हें मेरे साथ समय बिताना है तो पहले किसी को मेरे पिताजी के सिर के नीचे अपनी टाँग रखनी होगी नहीं तो मेरे पिताजी जग जाएंगे और मेरे साथ तुम्हारा भी शिकार कर देंगे |
राजा के लड़के ने मंत्री के लड़के को बुलाकर दाने का सिर उसकी गोद में रख दिया और लड़की बनी उस दूती को लेकर जंगल में चला गया |कहानी का बाकी हिस्सा अंतिम भाग में –

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