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सावन का महीना और शिवलिंग पूजा 2021

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Jul 24, 2021

वर्ष 2021 हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन का महीना 25 जुलाई से शुरू हो रहा है यह महीना भोले शंकर की आराधना का महीना है, और यह महीना भोले नाथ को भी बहुत प्रिय है | पुरे सावन के महीने लोग भगवान शंकर की आराधना करते हैं | शिवलिंग पर जल ,दूध ,गंगाजल चढ़ाते हैं | शिवलिंग पर वेलपत्र चढाने का भी महत्व है लेकिन वेलपत्र चढ़ाने के क्या नियम हैं ये भी जानना जरुरी है |
एक कथा के मुताबिक देवी पार्वती ने अपने ललाट का पसीना पोंछकर फेंका जिसकी कुछ बूंदें मंदार पर्वत पर गिरी इस वृक्ष की जड़ों में गिरजा तना में महेश्वरी और शाखाओं में दक्षयायनी ,पत्तियों में पारवती ,फूलों में गौरी का बास माना जाता है यही कारण है की शिवजी को वेलपत्र बहुत अधिक प्रिय है | ऐसे में वेळ पत्र चढ़ाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना अति आवश्यक है |
01- वेलपत्र की पत्तियां कहीं से भी कटी फटी न हों |
02-शिवलिंग पर वेलपत्र की चिकनी सतह का ध्यान करके वेळ पत्र चढ़ाएं चिकनी सतह ही शिवलिंग से स्पर्श करनी चाहिए |
03- शिवलिंग पर वेलपत्र चढ़ाते समय हमेशा अनामिका ,अंगूठे और मध्यमा ऊँगली का प्रयोग करना चाहीये वेळ पत्र चढ़ाते समय जल की धारा भी साथ साथ जरूर चढ़ाएं |
04- वेळ पत्र चढ़ने के बाद भी शुद्ध माने जाते है इसलिए इन्हें धोकर दोवारा शिवलिंग पर चढ़ाया जा सकता है |
अंतिम साबधानी सोमवार के दिन पेड़ से वेलपत्र नहीं तोड़ने चाहिए | चढाने के लिए एक दिन पहले तोड़कर रख लें | तीन पत्तियां एक साथ तोड़ें |

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