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कहानी सफर के आखरी शिखर पर अकेले ,मंजूर नहीं-14

Byuser

May 25, 2021

अभी तक आपने पढ़ा स्कूल में हरी को माधवी फोन करती है उसे समझाती है|हरी माधवी के फोन आने के बाद अपने आपको कुछ हल्का महसूस करता है |वह अपने मन ही मन ठान लेता है कि आगे से वह अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान लगाने की कोशिश करेगा |अब इससे आगे –

हरी धीरे धीरे अपनी पढ़ाई आर फोकस करने लगा है लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी वह अपनी चंचलता खोता जा रहा है और उसका आचरण बहुत गंभीर होता जा रहा है | उसके साथी उससे पूछते हैं कि यार हरी क्या बात है बहुत सिरियस रहने लगा है और हरी एक मुस्कराहट के साथ उन्हें टाल देता है |

बीच -बीच में माधवी हरी को फोन करके मोटिवेट करती रहती है जिससे उसे सहारा मिलता रहता है इसी तरह दिन महीने साल गुजरते जा रहे हैं जहाँ हरी सिर्फ पासींग मार्कस लेकर पास हो रहा है वहीं माधवी बहुत अच्छे मार्कस के साथ आगे बढ़ रही है माधवी अपनी पढ़ाई के साथ आईपीएस की  तैयारी कर रही है और ग्रेजुएशन होते ही उसकी नौकरी क्लास वन अधिकारी के तौर पर लग जाती है |

इधर हरी भी  +2 करने  के बाद फौज की नौकरी की तैयारी में लग जाता है उसके घर  की माली हालत ऐसी नहीं है कि वह अपनी पढ़ाई आगे जारी रख सके |कुछ ही दिनों की तैयारी के बाद उसकी नौकरी फौज मे लग जाती है |हरी ट्रैनिंग के लिए चला  जाता है उधर माधवी की ट्रेनिंग पूरी हो जाती है |

इस बीच एक अप्रत्याशित घटनाक्रम मे माधवी के पिताजी अपने बिभाग के एक क्लास -वन अधिकारी के साथ माधवी के रिश्ते की  हाँ भर देते हैं और एक मिठाई का डब्बा लेकर माधवी के पास जाकर सारी बातों से अबगत कराते हैं |

माधवी अपने पिताजी के निर्णय से अवाक रह जाती है उसको महसूस हो रहा है जैसे उसकी सारी दुनिया ही लूटने जा रही है लेकिन अपने पिताजी कीबात काटने का वह साहस नहीं कर पाती वह बस इतना ही कहती है पिताजी एक वार हाँ करने से पहले मुझसे थोड़ा पुछ लेते ,उसके पिताजी हँसते हुए बोले मुझे अपनी बेटी पर अपने आपसे भी ज्यादा बिस्वास है मेरी बेटी मेरा कहना कभी नहीं टालती इसी भरोसे मैंने हाँ कर दी और फिर इतना अच्छा रिश्ता तो ढूंढने के बाद भी नहीं मिलता |

माधवी अपने पिताजी के जाने के बाद हरी के ट्रैनिंग सेंटर में फोन लगाती है और ऑपरेटर से हरी से बात करने को कहती है लेकिन हरी 3 महीने की फील्ड  ट्रेनिंग पर है जहां फोन से संपर्क का कोई साधन नहीं है |इन तीन महीनों के दौरान ही माधवी की शादी हो जाती है |माधवी अपने पिताजी से बहुत प्यार करती है उन्हें उसके कारण कोई अपमान ना सहन पड़े इसीलिए वह शादी कर लेती है और सच्चे मन के साथ अपने पति के साथ रहने लगती है |इधर की अब ट्रेनिंग पूरी होने वाली है और अगली पोस्टिंग पर जाने से पहले उसे 20 दिन का जरनी ब्रेक मिलेगा इसी से वह बहुत उत्साहित है उसे तो बस माधवी से मिलने की लग्न लगी है अभी तक उसे पता ही नहीं है कि माधवी की शादी हो चुकी है वह तो रोज नए नए सपने देखने में लगा है लेकिन नियति  ने उसके साथ क्या रच रखा है ये किसे पता है |इससे आगे की कहानी अगले भाग में –

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