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सरोकार की खबरें

Byuser

Mar 6, 2021

राम और श्याम बड़े अच्छे दोस्त हैं लेकिन दोनों के बिचारों में बिल्कुल भी समानता नहीं है अब कल की ही बात है राम ने श्याम से कहा भाई श्याम कालोनी में हरी कथा है तो दोनों सुनने चलते हैं इस पर श्याम बोला भाई दो तीन घंटे बर्बाद हो जाएंगे मुझे काम है तुम ही चले जाना जहां ये खबर राम के लिए सरोकार की थी बहीं श्याम के लिए ये बेकार की खबर थी |

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राम को कथा सुननी थी तो वह कथा सुनने चल गया, उन दोनों के एक पड़ोसी थे उनका नाम था हरी , उसी समय हरी और श्याम की मुलाकात होती है ,हरी कहीं जा रहा है श्याम उससे पूछता है की भाई इतनी जल्दी में कहाँ जा रहे हो हरी कहता है भाई पड़ोस में कथा हो रही है और प्रसाद में हर किसी को 100 रुपये मिलेगें अब जो खबर श्याम के लिए सरोकार की नहीं थी वही खवर उसे सरोकार की लगने लगी और वह हरी के साथ कथा में जाने के लिए तैयार हो गया जबकि वो जानता था की थोड़ी देर पहले ही वह अपने दोस्त को वहाँ जाने से मना कर चुका है , ये कैसी विडम्बना है की हमारा स्वार्थ हमें सिर्फ वही दिखाता है जो हमारे मतलब का होता है उससे आगे हमें कुछ दिखता ही नहीं है |

अब आगे सुनो जब कथा में राम श्याम को देखता है तो चौंक जाता है ,पूछता है भाई तुम्हें तो काम था फिर कैसे यहाँ अरे यार मैंने सोचा तुम्हें बुरा लगेगा ,साथ ही मैं हरी कथा सुनने का मोह भी नहीं छोड़ पाया इतनी सफाई से झूठ, बो भी हरिकीर्तन में झूठ से दोस्त को भी साध लिया और हरिभक्त भी बना रहा हैना कमाल , 100 रुपये के लिए भगवान का भी अनादर करने से नहीं चुका |अब इधर राम के परिवार की बात करें जहां  राम हमेशा सच्चे रास्ते पर चलने में विस्वास करता है बहीं उसके परिवार में एक लाड़ला बेटा और पत्नी है जिनसे वह बेहद प्यार करता है लेकिन वह भी उसके सच्चे रास्ते पर चलने के सहयोगी नहीं हैं झूठ का सहारा लेकर उसे वहलाते हैं कियोंकि सच के साथ उनका सरोकार नहीं है इसी तरह इस समाज  में अनेकों परिवार होंगे जो राम के परिवार का अनुसरण करते होंगे कितने ही श्याम होंगे जो अपने दोस्त को झूठ के सहारे अपना मकसद साधते होंगे |

इस कहानी के माध्यम से एक प्रश्न आप सब के लिए छोड़ कर जाता हूँ की सरोकार की खबरें ही सबसे बड़ी हैं प्रेम ,सच,देश के लिए भावना इनका कोई स्थान हमारे जीवन में नहीं बचा है थोड़े से लालच  और अपने सरोकार की खुशी के लिए हम बहुत कुछ खोते तो नहीं जा रहे हैं ? (अनिल राघव )

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