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पाकिस्तान की बदनियत – रिश्तों में सुधार की गुंजाइश के रास्ते की सबसे बड़ी रूकावट

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Sep 5, 2021

सीमा पर बीते कई दिनों से चल रहे सीज फायर के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में सुधार आने की एक सम्भावना नजर आ रही थी, लेकिन अफगानिस्तान में तालिबानियों के कब्जे के बाद वह अब खत्म होती प्रतीत हो रही है। पाकिस्तान को लगता है कि अफगानिस्तान की घटना का फायदा उठाकर वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर को हवा देने की कोशिश में कामयाब हो सकता है | पाकिस्तान के भारत विरोधी इसी मानसिकता के कारण उसे लगता है कि वह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को भड़काने की कोशिशों में भी कामयाब हो सकता है।
अफगानिस्तान में बदले हालातों का फायदा उठाने की कोशिश में पाकिस्तान
अफगानिस्तान में बदलाव के बाद पाकिस्तान की सक्रियता बढ़ गई है। अंतर्राष्ट्रीय माहौल इस तरह बना है कि कई देश पकिस्तान से बात कर रहे हैं | जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से बात की है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब भी शुक्रवार को अचानक इस्लामाबाद पहुंचे और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ द्विपक्षीय बातचीत की।पाकिस्तान पहले ही चीन और तालिबान के बीच बातचीत करा चुका है। अमेरिका और पाकिस्तान के बीच अफगानिस्तान को लेकर लगातार बातचीत चल रही है। अफगानिस्तान में मिली कूटनीतिक जीत और वैश्विक अहमियत के माहौल को देखते हुए पाकिस्तान इसे भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने की भरपूर कोशिश सकता है।
आतंकी गतिविधियां बढ़ी
पाकिस्तान के बदले रुख का संकेत जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर भी देखने को मिल रहा है। भारत और पाकिस्तान में गत फरवरी में युद्ध विराम समझौते के बाद से सीमा पर घुसपैठ में कमी आई थी। लेकिन काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद पाकिस्तान ओकोपाई कश्मीर में लां¨चग पैड पर आतंकी गतिविधियां देखि जा रही हैं । पाकिस्तानी सेना आतंकियों को भारत में भेजने की पूरी कोशिश में है। पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से अफगानिस्तान के हालात पर नजर रखने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल समेत आला अधिकारियों को मिला कर एक उच्चस्तरीय समिति इन सभी हालातों पर नजर रख रही है |

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