• Fri. Sep 24th, 2021

GETREALKHABAR

E News/educational stories, poem and life style/only clean content

नवरात्री तीसरा दिन माँ की आराधना

Byuser

Apr 15, 2021 , ,

 

पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता  प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥

चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि और गुरूवार का दिन है। तृतीया तिथि दोपहर 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। उसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जायेगी। चैत्र तृतीया तिथि यानि के तीसरे दिन मां दुर्गा की तीसरी शक्ति मां चंद्रघंटा की उपासना की जायेगी।

देवी मां के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होने के कारण ही इन्हें चंद्रघंटा के नाम से जाना जाता है। मां चंद्रघंटा, जिनका वाहन सिंह है। जिनके दस हाथों में से चार दाहिनी हाथों में कमल का फूल, धनुष, जप माला और तीर है और पांचवां हाथ अभय मुद्रा में रहता है, जबकि चार बाएं हाथों में त्रिशूल, गदा, कमंडल और तलवार है और पांचवा हाथ वरद मुद्रा में रहता है, उनका स्वरूप भक्तों के लिए बड़ा ही कल्याणकारी है। ये सदैव अपने भक्तों की रक्षा के लिये तैयार रहती हैं। इनके घंटे की ध्वनि के आगे बड़े से बड़ा शत्रु भी नहीं टिक पाता है। लिहाजा देवी चंद्रघंटा हर परिस्थिति में सभी तरह के कष्टों से छुटकारा दिलाने में सहायक है।

Leave a Reply