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कहानी सफर के आखरी शिखर पर अकेले ,मंजूर नहीं-19

Byuser

Jun 4, 2021

अभी तक आपने पढ़ा कि हरी को उसके दोस्त की पार्टी में माधवी नजर आती है वह उसके सामने वाली चेयर पर इस आशय से बैठ जाता है कि माधवी उसे पहचानेगी या नहीं लेकिन काफी देर तक भी जब माधवी सामने नजर नहीं डालती तो वह व्यग्र होने लगता है अब इससे आगे –

अब हरी से और इंतजार करना मुश्किल होता जा रहा है उसने माधवी का ध्यान आकर्षित करने का  कोई उपाय सोचने की कोशिश की लेकिन उसके दिमाग में ऐसा कोई उपाय नहीं सूझ रहा था तभी उसकी नजर खाने के स्टाल पर खड़े वेटर पर गई उसने इशारे से उसे अपने पास बुलाया और तीन कॉफी लाने को कहा वेटर तीन कॉफी लेकर आया तो उसने माधवी की टेवल की ओर इशारा करते हुए  कहा की वहाँ रख दो वेटर कॉफी लेकर माधवी की टेवल पर गया और उसने तीन कॉफी टेवल पर रख दीं ,माधवी ने उसे टोकते हुए कहा भैया यहाँ हम दो हैं और तुमने तीन कॉफी रखी हैं तब वेटर हरी की टेवल की तरफ इशारा करते हुए बोला वो सहाब भी आपके साथ हैं ना अब माधवी ने हरी की टेवल की तरफ देखा तो देखती ही रह गई उसे हरी को पहचानने में जरा भी देर नहीं लगी वेशक हरी देखने में उसकी उम्र से कहीं ज्यादा बूढ़ा नजर आ रहा था जबकि वह माधवी से काफी छोटा है |

माधवी ने अपनी सहेली को कहा ये मेरे एक पुराने परिचित हैं तुम यंहा कॉफी पीओ में उनसे मिलती हूँ और माधवी ने कॉफी के दोनों कप उठाए और हरी की टेवल की तरफ बढ़ गई |दोनों ने एक दूसरे को मुस्करा कर अभिवादन किया कई देर तक दोनों चुपचाप अपनी कॉफी पीते रहे और जब बोले तो दोनों ने एक साथ कैसे /कैसी हो कहा एक साथ बोलने पर वे थोड़ी देर चुप हुए फिर एक साथ बोले तब हरी बोला लेडीज फस्ट और माधवी ने कहा हरी कैसे हो – हरी ने कहा अच्छा हूँ तुम्हारे सामने हूँ और तुम कैसी हो -मैं भी ठीक हूँ माधवी ने उत्तर देते हुए कहा फिर दोनों में अपने अपने परिवार को लेकर लंबी बातचीत चली |

बैसे तो उनकी बातों का कोई अंत नहीं था लेकिन तभी हरी के दोस्त ने माधवी और हरी  को खाने का आग्रह किया और दोनों उठकर खाने की टेबल के पास चल दिए खाना खाने के बाद हरी ने माधवी का मोबाइल नंबर मांग  लिया उसके बाद पार्टी के समापन पर माधवी ने हरी को कहा अब चलती हूँ कहकर माधवी अपनी कार की तरफ बढ़ चली पीछे से हरी भी माधवी को क र तक छोड़ने आया दोनों ही अपनी अपनी जॉब से रिटायर होकर घर पर ही सोशल वर्क करते हैं |

हरी ने माधवी से मुलाकात के बाद फोन द्वारा माधवी की कुशल क्षेम पूछी तो माधवी भी थोड़े अंतराल पर हरी की कुशल क्षेम लेती रहती है |अभी दोनों की मुलाकात हुए मुश्किल से दो माह का समय ही बीता  होगा कि एक दिन हरी की  तबीयत बिगड़ने लगी उसे आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसके सारे टेस्ट हुए टेस्ट की रिपोर्ट अगले दिन मिलेगी तब तक डॉक्टर ने  अपने अनुभव के आधार पर हरी को दवा दीं तो उसे कुछ राहत मिली |इससे आगे अगले भाग में –

 

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