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लोक कथा – एक अक्ल का कोट सीमै ,फटे तो दूजा लगावै कारी

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Jun 28, 2021 ,

दो ठग थे एक दिल्ली का तो दूसरा आगरा का |एक दिन दोनों की आपस में मुलाकात हो गई तो आपसी बातचीत के दौरान दिल्ली बाले ठग ने कहा भैया मैं अकल का कोट सी सकता हूँ इस पर आगरे बाले ने कहा यादि बो कोट फट जाए तो मैं उसमें ऐसी कारी लगा सकता हूँ कि किसी को पता भी ना चले | इसी तरह बातें करते हुए वे साथ साथ चलते रहे रास्ते में एक तेली के यंहा रुके उनहोंने देखा एक लड़का तेली की घानी चला रहा था |देखने में लड़का बहुत सुंदर था एकदम राजकुमारों जैसा उसकी बातें भी बड़ी मीठी थीं | ठगों ने लड़के से पूछा तू कौन है ? लड़का बोला मैं एक अच्छे खानदान का लड़का हूँ लेकिन परिस्थितियों ने मुझे तेली के यहाँ काम करने को विवश कर दिया है उ उसकी बातें सुनकर ठगों ने कहा हम तुझे 4 आने रोज दिया करेंगे तू हमारे साथ चल | चार आने रोज की बात सुनकर लड़का उनके साथ चलने को तैयार हो गया उसे साथ लेकर ठग चलते चलते लखनऊ पहुँच गए |
दिल्ली बाल ठग पोशाकें बेचने बाले की दुकान पर गया और उसने बहुत बढ़िया पोशाक किराये पर ली |दूसरे दिन वह दरवार में जा बैठा | नाबाब के पूछने पर उसने अपने आपको रूम के बादशाह का दूत बताया |नाबाब ने उसका अच्छा आदर सत्कार किया |ठग ने पहले ही ये जानकारी कर ली थी कि नाबाब के एक विवाह योग्य कन्या है किन्तु कोई योग्य वर नहीं मिल रहा था इसलिए उसने बातों बातों में कहा की रूम के बादशाह का लड़का कुछ ही दिनों में यहाँ आने वाला है | उसकी बात सुनकर दरवारियों ने नवाब से कहा यदि हमारी शहजादी की शादी रूम के शहजादे के साथ हो जाए तो सोने में सुहागा बाली बात हो जाएगी नवाब को भी यह बात उचित लगी उसने अपने बजीर से ठग को 1 लाख रुपये बतौर रिशबत देकर उसे रूम के शहजादे से अपनी शहजादी की शादी करने को तैयार करने की बात कही ठग ने कहा कि शहजादे को यदि आपकी शहजादी पसंद आ गई तो वह उसकी शादी अवश्य करा देगा |उसने शहजादे ला लखनऊ आने का दिन भी बता दिया |
अब ठगों के पास पैसों की तो कोई कमी नहीं थी उन्होंने सारी तैयारी बहुत जल्दी पूरी कर ली तेली के यंहा से जो लड़का लिया था उसको रूम का शहजादा बना दिया और बड़ी धूम धाम से निश्चित समय पर सारे ठाट बाट के साथ लड़के को नाबाब के यहाँ मेहमान बनाकर भेज दिया |नाबाब ने उन सबका यथोचित सम्मान किया और उसे अपने खास बाग में ठहराया , नाबाब को शहजादा खूब पसंद आ गया और शहजादे को शहजादी पसंद आ गई |बड़ी धूम धाम से दोनों का बिवाह कर नाबाब ने उनको एक अलग महल दे दिया जिसमें सारी सुख सुभीधायें थीं | अब उन सबके दिन आराम से कट रहे थे |
एक रात को नबाब का दामाद अपनी बेगम का हाथ पकड़े कमरे में टहल रहा था कमरे मेनन बहुत सी तसबीरें लगी हुई थीं लेकिन वह उन्हें बड़ी उपेक्षा के साथ देख रहा था कुछ आगे चला तो उसने एक तशवीर देखी जिसमें एक लड़का तेली की घानी चला रहा था | शहजादा सहसा वहीं रुक गया और बड़े ध्यान से उस तस्वीर को देखने लगा वह कभी बैलों की प्रसंशा करता कभी बैलों को टिचकारने लगता जिसे देखकर शहजादी को समझने में जरा भी देर नहीं लगी कि उसकी शादी एक मूर्ख तेली के साथ हुई है | वह उसी बक्त शहजादे का हाथ झटक कर अपनी माँ के पास चली गई और सारा हाल माँ को कह सुनाया |
इधर शहजादा भी दूत के पास पहुंचा | उसकी बात सुनकर दूत ने आगरे बाले ठग से कहा कि भाई मेरी अक्ल का कोट तो फट गया अब तुम कारी (पैबंद) लगाओ | आगरे बाले ठग ने कहा मैं ऐसा पैबंद लगाऊँगा कि कभी फटेगा ही नहीं |आगरे बाले ठग ने जनाना भेष बनाकर अच्छे गहने कपड़े पहन कर और एक सुंदर कुत्ते के गले में मोतियों का पत्ता डालकर और खूब अच्छे कपड़े पहनाकर एक गाड़ी में बैठाकर नबाब के महल के नीचे जो नहर जाती थी वहाँ आकर उसने गाड़ी से बड़े प्यार से कुत्ते को उतारा बड़े प्यार से नहलाया , नए कपड़े पहनाए और हर तरह से कुत्ते की सेवा की | चार पाँच दिनों तक यह क्रम चलता रहा |शहजादी और उसकी माँ महल से ये सब देखती रहती थीं आज जैसे ही वह औरत (दूत) कुत्ते को नहलाकर बापिस जाने लगी तो बेगम ने उसे अपने महल बुलाया और पूछा ये क्या रहस्य है | उस औरत ने जबाब दिया बेगम साहिबा मैं भी एक नवाब की बेटी हूँ मेरे पिताजी के भाइयों ने ईर्ष्या के कारण धोके से मेरी शादी इस कुत्ते के साथ करवा दी , जब मेरे पिताजी को यह पता चला तो उन्होंने उनहैं कठिन दंड दिया और मुझसे कहा वह किसी शहजादे से उसकी शादी करा देंगे लेकिन मैंने अपने पिता से कहा पिताजी जो मेरे भाग्य में लिख रखा था सो वह हो गया औरत का पति एक ही होता है अब में किसी दूसरे पुरुष की तरफ आँख उठाकर भी नहीं देखूँगी मेरे लिए तो अब यही शहजादा है तभी से मैं इन्हें अच्छी से अच्छी जगह घूमाती हूँ नई नई नदियों में स्नान कराती हूँ और इनकी सेवा में रहती हूँ ऐसा कहकर वह औरत वहाँ से जाने लगी लेकिन जाते जाते उसने सुना शहजादी अपनी माँ से कह रही थी कि माँ अब्बा जान ने मेरी शादी जिससे कर दी अब बही मेरा सब कुछ है ऐसा कहकर शहजादी अपने पति के महल में चली गई | आगरे बाले ठग ने अपने साथी से कहा कि मैं ऐसी कारी लगाकर आया हूँ कि अब जीवन भर गुलछर्रे उड़ाओ |

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