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जाट का भूत से सामना

Byuser

Jul 1, 2021

एक जाट ने एक नया खेत ख़रीदा जब वह उसमें हल चलाने लगा तो उसके सामने एक भूत निकलकर बाहर आया और जाट से बोला कि तुम्हारे हल की नोक से हमारी अंतड़ियाँ फट रही हैं इसलिए तुम इस खेत में हल मत चलाओ | इस पर जाट ने कहा अगर में इसमें हल नहीं चलाऊंगा तो परिवार सहित भूखा मर जाऊंगा हमारे परिवार के भरण पोषण के लिए 5 मन अनाज हर महीने चाहिए | इस पर भूत ने कहा ठीक है हम 5 मन अनाज हर महीने घर पहुंचा दिया करेंगे | जाट भूत की बात मानकर हल लेकर अपने घर चला गया | भूत हर महीने पांच मन अनाज जाट के घर भिजवाने लगा |
एक दिन भूतों के यंहा कोई उत्सव था उधर जाट का महीना भी पूरा हो रहा था तो खेत बाले भूत ने कहा मै पांच मन अनाज जाट के घर देकर आता हूँ | उसकी बात सुनकर दूसरे भूतों ने पूछा तो उसने सारी घटना बता दी उनमें से एक बोला तुम भूत होकर इंसान से डर गए , आज मैं जाट के घर जाता हूँ और सारा झंझट मिटा कर आता हूँ |
उधर जाट के घर एक बिलाव रोज जाट की दूध ,दही खा जाता था | जाट ने उसे फ़साने के लिए एक रस्सी का फंदा बनाया और बिलाव का छुपकर इंतजार करने लगा उसी समय नाली से होकर भुत अंदर प्रवेश करने को हुआ जाट ने सोचा बिलाव है और रस्सी का फंदा भूत के गले में डाल दिया और बोला बहुत दिन हो गए हैं आज तुझे जान से मारूंगा जाट की बात सुनकर भूत सकपका गया और हाथ जोड़ने लगा | जाट ने जब देखा यह बिलाव नहीं कोई और है तो उसने कड़क कर पूछा कि कौन है तू ?और कोई चारा ना देख भूत ने जवाब दिया कि मैं भूत हूँ आज तुम्हारा महीना ख़त्म हो रहा था तो सरदार ने पुछवाया कि तुम्हें अनाज वैसे ही लाकर दें या पिसवाकर लाकर दें | जाट ने सोचा लो पीसने का झंझट भी ख़त्म करें और बोला ठीक है पीसकर भिजवा दिया करना उसके बाद  जाट ने उसे फंदे से मुक्त कर दिया | भूत जान बचाकर भागा और उसने आकर सारी बात बाकि भूतों को बताई तो खेत का भूत बोला कि तुमने पांच मन अनाज हर महीने पीसने की आफत और गले लगा दी अच्छा पीछा छुड़ाने गए थे | तभी उनमें से एक भूत जो शायद उन सब में बड़ा था बोला भाई अनाड़ी से तो भूत भी डरा करै | 

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