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जो खड्डा खोदेगा वही गिरेगा

Byuser

Aug 13, 2021

एक राजा और वजीर भेष बदलकर घूमने निकले | एक जगह उन्होंने देखा एक लड़का गढ्ढा खोद रहा था | बजीर ने उस लड़के से पूछा कि तू यंहा गढ्ढा क्यों खोद रहा है | लड़के ने जबाब दिया तुम्हें इससे क्या मतलब है जो खोदता है वही उसमें गिरता है | लड़के का उत्तर सुनकर वजीर बड़ा प्रसन्न हुआ और उसने उस लड़के को अपने साथ रख लिया |
लड़के को अपने पास लाकर वह उसे पढाने लिखाने लगा | वजीर के भी उतना बड़ा ही लड़का था | दोनों साथ पढ़ते साथ खेलते | कुछ समय में ही वह लड़का बहुत होशियार हो गया ,जो कुछ भी उसे पढ़ाया जाता वह उसकी समझ में तुरंत आ जाता लेकिन बजीर का लड़का पढाई में सामान्य ही था | बजीर को अब उस लड़के से ईर्ष्या होने लगी और ईर्ष्या ने उसके मन पर ऐसा आर डाला कि उसने उस लड़के को मरवा देने की ठान ली |
बजीर कॅशे के घर गया और उसने कसाई से कहा से कहा कि तुम्हारे पास मैं एक लड़के को मांस लेने के लिए भेजूंगा ,सो तुम उसको मरकर बोटी बोटी कर देना | बजीर ने घर आकर उस लड़के से कहा कि अमुक कसाई के घर जाकर सेर भर मांस ले आ | लड़का चल दिया घर से थोड़ी दूर पर ही उसे बजीर का लड़का , अन्य लड़कों के साथ खेलता हुआ मिला | बजीर के लड़के ने उसे अपने पास बुलाकर पूछा कि तू कहाँ जा रहा है ? लड़के ने उत्तर दिया कि तुम्हारे पिताजी ने मुझे अमुक कसाई से सेर भर मांस लाने भेजा है वही लेने जा रहा हूँ | बजीर के लड़के ने कहा मेरी जगह तुम यहाँ खेलो , मैं सात बाजी हार चूका हूँ , तुम खेलकर इनको हराओ ,मैं मांस लेने जाता हूँ |
बजीर का लड़का मांस लेने चला गया और वह लड़का अन्य लड़कों के साथ खेलने लगा | बजीर का लड़का जब कसाई के यहाँ पहुंचा तो उसने लड़के को मारकर उसकी बोटी बोटी कर दीं | इधर जब बहुत देर होने पर भी बजीर का लड़का घर नहीं पहुंचा तो बजीर उसे ढूंढ़ने घर से बाहर निकला |
जिस लड़के को उसने कसाई के घर से मांस लाने भेजा था वह तो अन्य लड़कों के साथ खेल रहा था | बजीर ने उससे पूछा तुझे तो मैंने कसाई के यहाँ से मांस लेने भेजा था और तू इन लड़कों के साथ खेल रहा है , लेक ने उत्तर दिया कि आपका बेटा यहाँ खेल रहा था मैं इधर से गुजरा तो उसने मुझे पुकारकर कहा कि मैं सात बजी हार गया हूँ सो मेरे बदले तुम खेलो मांस लाने मैं कसाई के पास जाता हूँ | मैंने उसकी हारी हुई सात बाजी तो जीती ही हैं उसके अलावा भी सात बाजी और जीत ली हैं , लेकिन वह तो अभी तक नहीं आया है |
बजीर जान गया कि उसके लड़के का क्या हाल हुआ होगा , उसके मुँह से निकल पड़ा बास्तव में जो खड्डा खोदता है वही उसमें पड़ता है | बजीर को अब बहुत पछतावा हो रहा था ,लेकिन अब हो भी क्या सकता था , उसने प्रायश्चित के तौर पर उस लड़के को ही अपना बेटा बना लिया और उसकी परवरिश करने लगा |
शिक्षा :- कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि ईर्ष्या हमारी बुद्धि का नाश करती है |

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