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chautha navratra maa ki aaradhna

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Apr 17, 2021

या देवी सर्वभूतेषु मां कुष्मांडा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

नवरात्रि के चौथे दिन पर मां कुष्मांडा की पूजा-आराधना होती है। मां दुर्गा का यह चौथा स्वरूप बहुत शक्तिशाली माना जाता है। कहा जाता है कि मां कुष्मांडा की पूजा करने से भक्तों को पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।

नवरात्रि के चौथे दिन पर मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है। मां दुर्गा का यह रूप शक्ति को प्रदर्शित करता है इसीलिए उन्हें आदिशक्ति और आदिस्वरूपा के नाम से भी जाना जाता है। कथाओं के अनुसार अपनी मंद मुस्कान से देवी कुष्मांडा ने इस ब्रह्मांड को रचा था। मां कुष्मांडा अपने भक्तों के सभी दुखों को हरती हैं तथा उनके जीवन में सुख समृद्धि का वास करती हैं। मां कुष्मांडा शक्ति का स्वरुप हैं और उनकी आठ भुजाएं हैं। मां कुष्मांडा का स्वरूप तेज से परिपूर्ण है, उनके हाथ में कमल, माला, धनुष, बाण, गधा, चक्र, मंडल और अमृत है। कहा जाता है कि मां कुष्मांडा की पूजा करते समय आरती, मंत्र,‌ कथा और भोग पर अवश्य ध्यान देना चाहिए।

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