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अफगानिस्तान के बदले हालात और सूखे मेबे के ब्यापार पर असर

Byuser

Aug 18, 2021

तालिबान के सत्ता पर काबिज होते ही अफगानिस्तान के साथ भारत के व्यापारिक रिश्तों पर असर पड़ना लाजिमी है। वैसे तो दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते सदियों से रहे हैं। परंपरागत व्यापार के अलावा भारत ने अफगानिस्तान की कई बड़ी परियोजनाओं में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया है। आयात-निर्यात और बड़ी परियोजनाओं पर सीधे असर से भारत के व्यापारी, आम आदमी और सरकार पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा । सबसे ज्यादा भारत अफगानिस्तान से सूखे मेबों का आयात करता है ,जानें क्या असर होने वाला है |
अफगानिस्तान से सूखे मेवे का आयात अटारी बार्डर से होता है, लेकिन अब यह बंद होने के कगार पर है। पंजाब के व्यापारियों के अनुसार अफगानिस्तान से सूखे मेवे व फलों का तक़रीबन 3,000 करोड़ का सालाना आयात होता है।
अफगानिस्तान में जैसे ही हालात बदले वैसे ही सूखे मेवे की कीमतों में 10 से 20 फीसद तक उछाल आना शुरू हो गया है। करीब 550 रुपये किलो की दर से बिकने वाला बादाम इस समय 750 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।बताया जाता है कि दिल्ली के कई व्यापारियों का करोड़ों रुपये की एडवांस राशि फंस गई है। हालत सुधरने के बाद ही आगे ब्यापार अनुकूल हो सकेगा |

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