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आपात काल के कालेदिन

इंदिरा गांधी के आपातकाल के दौरान जुल्म और ज्यादतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेताओं से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं तक को जेल में डाल दिया गया था | जेलों में जगह नहीं थी लेकिन आपात काल के विरोध में आबजें बुलंद थीं |
46 साल पहले इंदिरा गांधी ने आज ही के दिन देश में आपातकाल लगाया था. 25 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा के साथ ही सभी नागरिकों के मौलिक अधिकार खत्म कर दिए गए थे |लोगों के पास जीवन का अधिकार तक नहीं बचा था |प्रेस को पूरी तरह सेंसरशिप कर दिया गया जबरन नसबंदी दिल्ली से झोपड़ियों कॉउजद दिया गया इसी कारण भारत के आपातकाल को देश का सबसे कला दिन कहा जाता है |
इंदिरा गांधी के आपातकाल के दौरान जुल्म और ज्यादतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेताओं से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं तक को जेल में डाल दिया गया था |जेलों में जगह नहीं थी लेकिन आपातकाल का विरोध करने बाले दीवानो ने ऐसा काम किया कि 21 महीने बाद 21 मार्च 1977 को देश से आपातकाल हट लिया गया देश की जनता ने अपने वोट की ताकत से इंद्रा गांधी को सत्ता से उखाड़ फेंका |
इंद्रा गांधी के तानाशाही रवैए के खिलाफ आवाज उठाने वालों में जयप्रकाश नारायण प्रमुख नेता बनकर उभरे थे. इसके अलावा राज नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, ललकृषण आडवाणी ,जोरजफर्नांडीश ,चौधरी चरण सिंह ,मोरारजी देसाई और बहुत से नेता जिन्होंने काँग्रेसः को सत्ता से उखाड़ फैंकने में बहुत बाद योगदान दिया था |

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