• Wed. Aug 4th, 2021

GETREALKHABAR

E News/educational stories and life style

एक से भले दो

Byuser

Jul 19, 2021

एक सेठ का लड़का कमाने के लिए जब बाहर जाने लगा तो माँ ने कहा बेटा मैं तुझे अकेले तो इतनी दूर नहीं जाने दूंगी | बेटा बोला माँ अब में बड़ा हो गया हूँ तुम नाहक ही चिंता करती हो | माँ ने कहा बेटा मैं जो कह रही हूँ उस पर ध्यान दे और अपने किसी दोस्त को साथ जाने के लिए तैयार कर ले, एक से भले दो होते हैं | माँ की जिद के आगे मजबूर होकर लड़के ने अपने सभी दोस्तों से पूछा लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ तब उसने माँ से कहा माँ मुझे अकेले ही जाना पड़ेगा कब तक पिताजी पर बोझ बनता रहूँगा |
माँ ने सोचा लड़के को घर में तो बिठा कर नहीं रखा जा सकता काम पर तो उसे भेजना ही पड़ेगा इसलिए उसने अपने बेटे से कहा ठीक है बेटा जाओ पर अपने साथ अपने पालतू नेवला के पिंजरे को भी साथ लेते जाओ ,लड़के ने बहुत मना किया लेकिन माँ ने जाते हुए नेवला पिंजरा सहित और रास्ते के लिए खाना साथ रख दिया |
लड़का चलते चलते अपने नगर से दूर निकल गया अँधेरा होने पर उसे ऐक सराय दिखाई दी जो राहगीरों के लिए जंगल के बीचों बीच बनाई गई थी | सेठ के लड़के ने सोचा रात होने बाली है अब आगे जाने की बजाय इसी सराय में रात गुजारी जाए उसने देखा इस समय सराय में कोई भी नहीं है उसने माँ का दिया खाना निकाला उसमें से कुछ नेवले के पिंजरे में डाला और कुछ खाकर अपनी भूख शांत की | नजदीक ही कुआ था जिसमें एक बाल्टी और रस्सी थी उसने पानी निकालकर पानी पीया | सुबह से चलते चलते उसे थकान भी हो गई थी इसलिए आराम करने के इरादे से साथ लाया हुआ एक खेस निकाला और जमीन पर ही अपना बिस्तर लगा सो गया | देर रात एक सांप निकला और सेठ के लड़के की तरफ रेंगने लगा नेवले की नजर पड़ी तो उसने सांप की पूँछ पकड़ कर खींच लिया | सांप ने नेवले पर हमला करने की बहुत कोशिस की लेकिन नाकाम रहा नेवले ने सांप को मार दिया | सुबह सेठ के लड़के की आँख खुली तो उसने सारा मंजर देखा और उसके मुंह से बरबस ही निकल गया माँ बाप की बात मानने में ही भलाई है |
शिक्षा :- बच्चे उम्र और शरीर से बड़े हो जाएँ तब भी माता पिता के अनुभव का लाभ हमेशा लेते रहने में ही भलाई है|

Leave a Reply