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सफर के आखरी शिखर पर अकेले ,मंजूर नहीं-9

Byuser

Apr 22, 2021

अभी तक आपने पढ़ा म्यूजिक टीचर नाटक में भाग ले रहे सभी बच्चों को बताते हैं कि कल फाइनल ड्रेस रिहर्सल होगी सभी को अपने अपने रोल अच्छे से करके प्रधानाचार्य महोदय को प्रसन्न करना है अब इससे आगे –

दूसरे दिन नियत समय पर नाटक के फाइनल रिहर्सल की तैयारी पूरी की जा चुकी हैं स्टेज भी तैयार हो चुकी है बस प्रधानाचार्य के आने की देर है कुछ ही समय बीटा होगा कि सामने से प्रधानाचार्य महोदय आते हुए नजर आए उनके साथ एक दो वरिष्ठ टीचर भी है सभी अपनी अपनी सीट पर बैठ जाते हैं |

जैसे ही पर्दा ऊपर उठता   है बैसे ही सामने बैठे दर्शक जो बहुत सीमित संख्या में हैं स्टेज पर उपस्थित कलाकारों  का ताली बजाकर स्वागत करते हैं |नाटक शुरू होने से लेकर  खत्म होने तक बारीकी से नाटक के मंचन पर प्रधानाचार्य महोदय ने नजर  बनाए रखी |उन्हें इस नाटक के मंचन से इतना संतोष हुआ की उनके मुहँ से अनायास ही निकाल गया कि वह क्या बात  है |प्रधानाचार्य महोदय बहुत ही गंभीर स्वभाव के हैं उनके मुहँ से किसी की तारीफ  निकलने का मतलब है कि जरूर उसमें कुछ स्पेशल है |

आज  प्रधानाचार्य महोदय  सीधे  मंच पर चढ़ जाते  हैं और हरी के साथ   बाकी कलाकारों की तारीफ के पुल बांधने से बिल्कुल भी गुरेज नहीं करते |प्रधानाचार्य महोदय  की बातों से  सभी खुश  होकर प्रधानाचार्य जिन्दाबाद  के   नारे लगाते हैं  |

नाटक की रिहर्सल के बाद सभी अपनी अपनी क्लासों में चले जाते हैं म्यूजिक टीचर ने सभी कलाकारों को हिदायत  दे दी कि सभी निश्चित दिन निश्चित समय पर प्रोग्राम बाले स्थान पर पहुँच  जाएंगे |जहां 4 दिन पहले रिहर्सल खत्म हो गई है वहीं हरी उमाऔर मानवी स्कूल में अब भी जल्दी पहुँच रहे हैं |हरी और मानवी का तो अब ये हाल है की दोनों एक दूसरे को थोड़ी देर भी नहीं देखते तो बैचेन  हो जाते हैं |स्कूल  छोड़ने के बाद भी वो  एक दूसरे के ख्याल में ही अपना समय गुजार देते हैं |

आखिर 4 दिन बीतने के बाद वो समय आ ही गया जब हरी एवं  मानवी के साथ साथ अन्य कलाकारों ने अपने स्कूल की तरफ से नाटक पर अभिनय करना है |यंहा संक्षेप में बस इतना कहना ही काफी है की जब सभी स्कूलों के  प्रोग्राम खत्म हुए तो सबसे ज्यादा अवॉर्ड इसी नाटक को मिले हरी को बेस्ट कलाकार मानवी बेस्ट लेडी कलाकार का इनाम दिया गया |इस नाटक के मंचन  के बाद  हरी को आस पास के लोग तो पहचानने ही लगे बल्कि उसके अपने स्कूल में हर बच्चा उसे पहचानने लगा  |

कहते हैं जब कोई किसी के आकर्षण में कैद हो जाता है तो उसे अन्य किसी बात की  सुध नहीं रहती   इसे दोनों के बीच का प्यार कहना अभी जल्दबाजी होगी क्योंकि ना तो उन्हें अभी इस बात की समझ है ना ही उनकी उम्र हाँ एक आकर्षण है जो उनकी सुध बुध खो रहा है |इसका नुकसान भी अब हरी की पढ़ाई पर दिखने लगा है जहां पहले किसी भी टेस्ट में उसके सबसे अच्छे मार्क्स आते थे वहीं अब  बहुत काम मार्क्स आने लगे है उसके टीचर हैरान हैं कि आखिर हरी कैसे पिछड़ता जा रहा है |

इस वर्ष के फाइनल एक्जाम का समय नजदीक आ चुका है और हरी ने कोई तैयारी नहीं की है मानवी जानती है कि हरी पढ़ाई की बजाय उस पर ध्यान दे रहा है मानवी को ज्यादा समझ थी इसलिए उसने हरी को एक दिन कहा हरी तुम पढ़ाई में पिछड़ते जा रहे हो अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो बाकी बातों के लिए बहुत समय है |हरी ने मानवी की बातों पर अपना सर तो हिलाया लेकिन पढ़ाई में ध्यान नहीं लगा पाया और वह इस वर्ष परीक्षा में फेल हो चुका है |इससे आगे की कहानी अगले भाग में –

 

 

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