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मोदी जी की पुर्व जनम की माँ

Byuser

Mar 5, 2021

ये स्टोरी सुरू होती है भिवानी शहर कोंट रोड  हरियाणा  मेरी दुकान के आगे लगे एक बोर्ड से जिस पर दुकान का नाम नमों ऑन लाइन लिखा है साथ ही ऊपर की तरफ मोदी जी की तसबीर भी छपी है मुझे दुकान खोले अभी कुछ ही महीने हुए हैं पिछले लगभग 45 दिनों से एक आदमी डेली बाहर लगे बोर्ड के पास आता और मोदी जी की फोटो को छूता ,नमस्कार करता और चला जाता मेरे मन में कई वार उनसे बात करने की होती लेकिन चाहकर भी उनसे बात करने की पहल नहीं कर पा  रहा था और ये सिलसिला लगातार जारी था लेकिन कल जब बो फिर से बोर्ड के पास आए और डेली की तरह उन्होंने अपने फोन मे मोदी जी की तसबीर ली ,तसबीर को छुआ और नमस्कार किया आज दुकान के आगे कुछ युवक खड़े थे और उस आदमी की कारवाही को देखकर हंसने लगे तब भी उनकी तरफ से कोई रिएक्शन नहीं हुआ लेकिन जब उनमे से एक लड़के ने कहा कि यह मानसिक रोगी है तब वह मेरे दुकान के काउन्टर के पास आकर कहा कि मैं पागल नहीं  हूँ बड़े बड़े  नेताओं के साथ मैंने काम किया ही उनके साथ मेरी फोटो हैं ये सुनकर वहाँ खड़े युबा उसका मजाक बनाने लगे लेकिन मुझे न जाने उनकी बातों में कुछ तो अलग होने का अहसास हो रहा था मैंने उन लड़कों को डाटा और इस तरह किसी का मजाक नहीं बनाते की नसीहत दी मेरे डाटने से वे लड़के वहाँ से चले गए उनके साथ ही वो भी जाने लगे आज फिर मेरा मन उनसे बात करने को हो रहा था लेकिन आज भी हररोज की तरह मैं कुछ न कह सका और पीछे से उन्हे जाते देखता रहा अभी मैं उन्हें देख ही रहा था कि वे पीछे को तेजी से मुड़े और और सीधा मेरी दुकान के पास आए ,बोले मोदी जी ने मुझे बापिस भेजा है तुझे आशीरबाद देने भेजा है मैंने उनको सम्मान देने के लिए सिर झुकाया तो वे बोले सिर सिर्फ माँ के आगे ही झुकना चाहिए ,मोदी जी भी अपनी माँ के आगे ही सिर झुकाते हैं इसके बाद उन्होंने अपना थैला खोला और उसमें से कुछ मेगजीन निकाली जिन्हे देखकर मैं भी चकित होकर रह गया जिन्हे लोग मानसिक रोगी कह रहे थे दरअसल बो भ्रस्टाचार का अंत मेगजीन के संपादक श्री आनंद शर्मा जी थे जिनकी फोटो कई बड़े नेताओं के साथ थी उनमे से एक तसबीर मे बह मोदी जी के भाई के साथ नजर आ रहे थे |

                     

                       

               उन्होंने  मेगजीन के कुछ पन्नों को खोला और मुझे उनकी तसबीर लेने को कहा उनमे से एक  तसवीर को देखकर भाबुक होकर कहा ये महादेवी की अंतिम यात्रा है ये ही मोदी जी की पूर्ब जनम की माँ भी हैं मुझे समझ नहीं आ रहा था की इस पर मैं किया रीऐक्ट  करूँ कियोंकि माँ तो माँ ही होती है ये उनके अपने मन का वहम है  या उनकी परख जो हम जेसे को समझ नहीं आती हाँ इतना समझ आता है जो इंसान माँ को इतना चाहता हो जिसके दिल में प्रेम हो वो पागल नहीं है  हमें उन पर हसने की बजाए उनके भीतर चल रहे तूफान को समझने की जरूरत है |(अनिल राघव )

One thought on “मोदी जी की पुर्व जनम की माँ”
  1. प्लीज कहानी को पूरा पढ़ें अच्छी लगे तो सेयर करें ताकि उन लोगों को सपोर्ट मिल सके जो किसी तरह मानसिक दबाब में हैं |

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