• Fri. Sep 24th, 2021

GETREALKHABAR

E News/educational stories, poem and life style/only clean content

चुनाब से पहले बढ़ते पेट्रोल, डीजल के दाम /किसान आंदोलन पर सरकार की बढ़ती चिंता के बीच आम आदमी

Byuser

Mar 6, 2021

        kisan andolan   दिन प्रतिदिन बढ़ रहे पेट्रोल /डीजल के दाम और लगातार चलते किसान आंदोलन ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है जैसे जैसे राजयों के चुनाब नजदीक आ रहे हैं बिपक्ष इन मुद्दों को लेकर सरकार पर हाबी होने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं किसान आंदोलन को लेकर जहां अधिकतर आम जनता अब ये महसूस करने लगी है कि  ये आंदोलन किसानों से ज्यादा बिपक्ष द्वारा सोची समझी रणनीति के तहत रचा गया एक सड़यंत्र है जिसे सरकार के प्रति लोगों के मन में  शंका पैदा करने की कोशिश करने के तहत देखा जा रहा है  साथ ही सरकार अधिकतर लोगों को ये समझाने में कामयाब रही है की ये बिदेशों से हुई फंडिंग के तहत सरकार को बदनाम करने की कोशिश थी | petrol pumps: More than 60,000 petrol pumps in India, 45% jump in 6 years -  Times of India

            इसके अलाबा अब पेट्रोल/डीजल के लगातार बढ़ रहे दाम जो आम जनता को परेशान कर रहे हैं और बिपक्ष इस पर भरपूर कोशिश कर रहा है की जनता को ये बताया जाए की सरकार ने पेट्रोल/डीजल पर अधिक से अधिक टैक्स लगा रखा है जिसके कारण पेट्रोल/डीजल के दाम दिन दिन बढते जा रहे हैँ और ये कहना कुछ गलत भी नहीं होगा केन्द्र और राज्य सरकार की तरफ़  से पेट्रोल/डीजल के दामों में टैक्स लगाने की दर बहुत ज्यादा है जिससे आम आदमी पर इसका बोझ पड़ रहा है |आम जनता जहां इस बढ़ती महंगाई से त्रस्त है  बहीं ज्यादातर लोग ये चर्चा भी कर रहे हैं की कोरोना की बीमारी के कारण सरकार पर भारी बोझ पड़ा है इसके साथ ही बॉर्डर पर चीन/पाकिस्तान से बढ़ती टैन्सन से सरकार को इसे  काउन्टर करने के लिए भारी रकम खर्च करनी पड़ रही है |  कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है की एक आम आदमी सरकार की मजबूरी भी जानता है लेकिन सरकार को भी ये जानना जरूरी है की तंगी से गुजर रहे लोगों  का भरोसा डगमगाने में ज्यादा समय नहीं लगता इस समय कोरोना के कारण उन लोगों के जो डेली कमाते हैं डेली खाते हैं  उनके अपने अपने काम बदली हो चुके हैं यानि की जो पहले कोई काम करता था बो अब कुछ और कर रहा है नीचे और मीडीअम तबके के लोग भारी दबाब में अपने अपने परिबार का  भरण पोषण कर रहे हैं ऐसे में  उनकी सरकार से ये आशा अबस्य है की सरकार ऐसे  समय में  उन पर महगांई का बोझ ना पड़ने दे |(अनिल राघव )   

 

Leave a Reply